Thursday, September 6, 2018

2+2 वार्ता: सुषमा ने कहा- बातचीत से भारत-अमेरिका के रिश्ते मजबूत होंगे, पॉम्पियो बोले- दोनों दे

ई दिल्ली.   भारत-अमेरिका के बीच पहली 2+2 वार्ता गुरुवार को हुई। बातचीत में भारत की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हुईं। अमेरिका की तरफ से माइक पॉम्पियो और जेम्स मैटिस ने हिस्सा लिया। सुषमा ने कहा कि इस बातचीत से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों के दिशा-निर्देश तय कर चुके हैं।
माइक पॉम्पियो ने कहा कि हमें समुद्र, आकाश में आने-जाने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही सामुद्रिक विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से हल ढूंढा जाना चाहिए। दोनों देश एक-दूसरे की बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और गुड गवर्नेंस को आगे बढ़ाएंगे। अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली बाहरी ताकतों से रक्षा की जाएगी। दोनों देश लोकतंत्र, व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान और आजादी दिए जाने में भरोसा रखते हैं। भारत पहुंचने से पहले पोम्पियो ने कहा- वार्ता में भारत और रूस मिसाइल सौदे और ईरान से तेल आयात करने पर बातचीत हो सकती है, लेकिन इस पर जोर नहीं रहेगा।
अमेरिका-भारत की बैठक साल में दो बार होना तय :  जून 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई थी। तब तय किया था कि द्विपक्षीय सहयोग के तहत रक्षा तकनीक और व्यापारिक पहल के मुद्दों पर बात करने के लिए दोनों देश हर साल दो बार बैठक करेंगे। इसके तहत पहली 2+2 वार्ता 6 सितंबर को हो रही है। इससे पहले अप्रैल और जुलाई में यह वार्ता टाल दी गई थी।
ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद दो बड़े रक्षा समझौते
जून 2018 : अमेरिका ने भारत को छह अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर (एएच-64ई) बेचने की मंजूरी दी। इनकी कीमत करीब 6340 करोड़ रुपए है। यह हेलीकॉप्टर अपने आगे लगे सेंसर की मदद से रात में उड़ान भर सकता है।
मार्च 2018 : भारत ने अमेरिका से 20 साल तक एलएनजी खरीदने का समझौता किया। पहले चरण में 90 लाख टन एलएनजी खरीदी जाएगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था को गैस आधारित बनाने में मदद मिलेगी।शिंगटन. पाकिस्तान तेजी से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। अभी उसके पास 140 से 150 परमाणु हथियार और भंडार हैं।  2025 तक यह आकंड़ा 220 से 250 तक पहुंचने का अनुमान है। इस तरह वह दुनिया में इस मामले में पांचवीं बड़ी ताकत बन सकता है। अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (एफएएस) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
इस रिपोर्ट पर काम करने वाले हंस एम क्रिस्टनसेन, रॉबर्ट एस नोरिस और जुलिया डायमंड ने कहा कि करीब 10 साल में पाकिस्तान 350 परमाणु हथियारों के साथ दुनिया में तीसरी बड़ी एटमी ताकत बन सकता है।
इसलिए भरोसेमंद हैं यह रिपोर्ट : यह रिपोर्ट सालाना जारी होती है। इस पर भरोसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इसमें उन तमाम स्रोतों का भी आकलन किया जाता है जिसके आधार पर अनुमान लगाया गया। इसमें पाकिस्तान के सैन्य अड्डों और एयरफोर्स के ठिकानों के अध्ययन के आधार पर कहा गया है कि वहां लगातार परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ाने की तैयारियां चल रही हैं।
कम दूरी की मिसाइलें बना रहा पाक : रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों से लैस कम दूरी की मिसाइलों के विकास पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह सिर्फ भारत के साथ परमाणु युद्ध की तैयारी कर रहा है। दिल्ली.   आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद बंद कर दे तो हम (भारत) भी नीरज चोपड़ा जैसे बन जाएंगे। हाल ही में इंडोनेशिया में हुए एशियाई खेलों में नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, चीन के किझेन लियू को सिल्वर और पाकिस्तान के अरशद नदीम को कांस्य पदक मिला था। पोडियम पर नीरज ने अशरद और लियू से हाथ मिलाया था। अरशद से हाथ मिलाने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। श्मीर में कार्रवाई कर रही सेना : रावत ने कहा कि जिस तरह से मीडिया में आतंकवाद बढ़ने के आंकड़े आते हैं, मैं इससे सहमत नहीं हूं। अगर कश्मीर में स्थानीय युवा हथियार उठा रहे हैं, उन्हें सुरक्षाबल या तो मार गिरा रहे हैं या उन्हें  गिरफ्तार कर लिया जाता है या वे आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेना इस तरह की कार्रवाई लगातार करेगी लेकिन मैं ये भी विश्वास के साथ कह सकता हूं कि युवाओं द्वारा चुना गया यह रास्ता (आतंकवाद का) सही नहीं है। मैं कई बार देख चुका हूं कि मां ने अपने बेटे से लौटने की अपील की। अगर हमारी कार्रवाई जारी रही तो हम आतंकवाद की समस्या को हल कर देंगे। धीरे-धीरे आतंक की ओर मुड़े युवा भी अपने घर लौट आएंगे।

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